वह ताने जो रात को छत पर साथ आते थे: अपमान को शक्ति में बदलने का प्रो. (डॉ.) सिद्धार्थ राजू का तरीका
कुछ ताने इतने गहरे उतर जाते हैं कि वह एक इंसान की सोच का हिस्सा बन जाते हैं। इससे कुछ नहीं होगा। रात को जब अर्जुन अकेला छत पर लेटा और आसमान को देखता, तो रिश्तेदारों की वही आवाज़ें हवा में तैरते हुए फिर से उसके कानों तक पहुँच जाती थीं। तारे चमकते रहते, लेकिन उसकी आँखों









