Vradha Awastha ki Paribhasha aur Kasoti
Categories Hindi, Society & Social Science
Tag Paperback
वृद्धावस्था जीवन का वह चरण है जब लगभग 60 वर्ष की आयु के बाद व्यक्ति की शारीरिक, मानसिक और सामाजिक क्षमताएँ कम होने लगती हैं। इस अवस्था में शरीर कमजोर होता है, स्मरण शक्ति घटती है, निर्णय लेने की गति धीमी होती है और व्यक्ति अपनी आर्थिक तथा सामाजिक भूमिकाओं में बदलाव महसूस करता है। उम्र, स्वास्थ्य, मानसिक स्थिति, सामाजिक सहभागिता और आर्थिक निर्भरता को वृद्धावस्था की मुख्य कसौटियाँ माना जाता है।
₹449.00

