UP DOWN: एक रास्ता, अनगिनत सीख, एक नया जीवन

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बीस साल। एक रास्ता। तीस किलोमीटर। और अनगिनत सीखें।

भारत में लाखों लोग हर रोज़ लंबा सफर तय करते हैं नौकरी के लिए, ज़िम्मेदारियों के लिए, एक बेहतर कल के लिए। लेकिन क्या यह रोज़ का सफर सिर्फ एक जगह से दूसरी जगह पहुँचने का ज़रिया है? या इसमें कुछ और भी छुपा है?

UP DOWN एक ऐसी ही यात्रा की कहानी है निम्बाहेड़ा से चित्तौड़ तक का तीस किलोमीटर का सफर, जो बीस वर्षों तक हर दिन दोहराया गया। प्राइवेट बसों की अव्यवस्था से लेकर रोडवेज की स्थिरता तक, जाम और थकान से लेकर अपनी गाड़ी की स्वतंत्रता तक हर पड़ाव ने कुछ सिखाया।

यह किताब तीन दौर में बँटी है:

  • पहला दौर: शुरुआत के वे दिन जब सफर नया था, हर मोड़ अनजाना था, और हर दिन एक नई खोज थी।
  • दूसरा दौर: जाम, थकान और दूसरों की उम्मीदों का दबाव  और उस सबके बीच भीतर से स्पष्टता की तलाश।
  • तीसरा दौर: विकल्पों की तलाश, निर्णय लेने की प्रक्रिया, और आत्मनिर्भरता का वह शांत सुख।

इस किताब में आप पाएँगे:

  • धैर्य और ठहराव: जब परिस्थितियाँ नियंत्रण से बाहर हों, तब भीतर की शांति कैसे बनाए रखें
  • समय प्रबंधन: रोज़मर्रा की चुनौतियों में समय को समझने की व्यावहारिक सीख
  • सामाजिक अपेक्षाएँ: दूसरों की उम्मीदें और अपनी सीमाएँ  दोनों के बीच संतुलन
  • दीर्घकालिक दृष्टिकोण: छोटे अनुभवों से बड़ी और गहरी समझ

“यह कहानी एक व्यक्ति की है, पर अनुभव सार्वभौमिक हैं।”

यह किताब उन सभी के लिए है जो हर रोज़ सफर करते हैं, जो जीवन के साधारण क्षणों में असाधारण अर्थ खोजना चाहते हैं, और जो यह समझना चाहते हैं कि छोटा सफर भी बड़ी पहचान बना सकता है।

लेखक के बारे में: डॉ. सत्य नारायण चेचानी दो दशकों से कर अधिवक्ता के रूप में कार्यरत हैं। वे अप्रत्यक्ष कर कानून के विशेषज्ञ हैं और Exploring the GST in India पुस्तक के लेखक भी हैं। उनका मानना है  “ज्ञान तभी सार्थक होता है जब वह लोगों के काम आए।”

399.00