Imaandari: Ek Outdated Aadat : “Badalte Samaaj aur Ghat-ti Naitikta par Ek Sacchi Padtaal”

हम एक ऐसे दौर में जी रहे हैं जहाँ विकास की गति तेज़ है, लेकिन मानवीय संवेदनाएँ लगातार कम होती जा रही हैं। यह पुस्तक उन्हीं सामाजिक सच्चाइयों को शब्द देती है, जिन्हें हम रोज़ देखते तो हैं, लेकिन अक्सर अनदेखा कर देते हैं।

यह समाज का एक सजीव आईना है, जहाँ व्यक्ति अपनी रुचियों, कमजोरियों और जिम्मेदारियों के साथ सामने आता है। पुस्तक सरल भाषा में उन मुद्दों पर गहरी चर्चा करती है जो हमारे दैनिक जीवन को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करते हैं, बिना बोझिल ज्ञान या जटिल सिद्धांतों के।

           पुस्तक में शामिल विषय :

  • शिक्षा व्यवस्था और उसके प्रभाव
  • मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक दबाव
  • बेरोज़गारी और युवा वर्ग की चुनौतियाँ
  • भ्रष्टाचार और नैतिक पतन
  • सोशल मीडिया की चमकदार परतों के पीछे की सच्चाई
  • बदलते रिश्ते और सामाजिक मूल्यों में परिवर्तन
  • स्त्री-पुरुष असमानता और सामाजिक दृष्टिकोण

    यह पुस्तक किसके लिए है :
  • छात्र और शिक्षक
  • युवा वर्ग
  • समाज को समझने और सुधारने की इच्छा रखने वाले पाठक
  • वे सभी जो सोचने, महसूस करने और बदलाव लाने की क्षमता रखते हैं

499.00