जो ग्राहक शिकायत नहीं करता वो सबसे ज़्यादा नुकसान करता है

एक बात जो नसरुद्दीन नरसीदानी तीस साल के अनुभव से सीखी है।

बोलने वाला ग्राहक दुश्मन नहीं है।

जो शिकायत करता है वो कम से कम मौका दे रहा है। “ठीक करो, मैं रुकूँगा।” असली नुकसान वो करता है जो बिना आवाज़ के निकल जाता है। न चिल्लाता है, न भिड़ता है, न कोई राय लिखता है। बस ग़ायब हो जाता है। और उसके ग़ायब होने की आवाज़ इतनी धीमी है कि सुनाई ही नहीं देती।

एक इनवर्टर की दुकान और एक हफ्ते बाद का सच:

एक ग्राहक आया। क्षमता पूछी। काम करने वाले ने बोला कि दो केवीए ले लीजिए, सब चल जाएगा। ग्राहक बोला, मेरे घर में एसी भी है। जवाब मिला, तो तीन केवीए देख लीजिए। कोई हिसाब नहीं, कोई बिजली के भार की जाँच नहीं, बस अंदाज़ा। ग्राहक ने भाँप लिया कि यहाँ समझ नहीं है, सिर्फ बेचने की जल्दी है।

ग्राहक मुस्कुराया, “सोचता हूँ” बोला, चला गया।

एक हफ्ते बाद उसी ने दूसरी जगह से इनवर्टर लिया। जहाँ किसी ने घर के सामान की सूची माँगी, बिजली का भार नापा, बैटरी कितनी देर सहारा देगी यह समझाया, और सही क्षमता सुझाई।

पहले वाले को कभी खबर नहीं लगी कि वो ग्राहक क्यों गया। न शिकायत, न बुराई, न कोई चिट्ठी। बस नहीं आया।

रोज़ का वो हिसाब जो कोई नहीं लगाता:

नसरुद्दीन नरसीदानी की किताब बड़ा रिटेल विथ छोटा विटेल में यह बात बड़ी सादगी से लिखी है।

रोज़ दो से तीन ऐसे ग्राहक निकल जाएँ तो महीने में साठ से नब्बे हाथ से गए। हर ग्राहक के पीछे उसका परिवार, रिश्तेदार, पड़ोसी, सब गए। जब बरस के आखिर में गिनती होती है तो सिर पकड़कर बैठते हैं कि सब कुछ तो ठीक था, फिर बढ़ोतरी क्यों नहीं हुई? जवाब सीधा है। ठीक नहीं था। पता नहीं चला।

शिकायत करने वाले को शिक्षक मानिए:

यह सबसे काउंटर-इंट्यूटिव बात है जो किताब कहती है।

शिकायत करने वाले ग्राहक को शत्रु मत समझिए। उसे अपना सबसे अच्छा शिक्षक मानिए। क्योंकि वो आपको वो बात बता रहा है जो और कोई नहीं बताता। जो चुपचाप चला जाता है वो आपको सुधरने का मौका ही नहीं देता।

जिन ग्राहकों की शिकायतों को गंभीरता से सुनकर समाधान किया, वो बाद में सबसे मज़बूत समर्थक बने। क्योंकि उन्होंने देखा कि यहाँ गलती मानी जाती है, सुधारी जाती है, और ग्राहक की बात को महत्त्व दिया जाता है।

बड़ा रिटेल विथ छोटा विटेल नसरुद्दीन नरसीदानी द्वारा अमेज़न, फ्लिपकार्ट, किंडल और गूगल बुक्स पर उपलब्ध है। अभी खरीदें और जानें कि खामोश ग्राहक क्या ले जाता है जो आपको कभी पता नहीं चलता।

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