यह ग्रन्थ “हृदयहर्षोत्कर्षविवर्धिनी (संस्कृत गीत संग्रह)” संस्कृत काव्य और गीतों का एक अनुपम संग्रह है। इसमें भक्तिरस, श्रृंगाररस, करुणरस, शान्तरस, हास्यरस आदि अनेक भावों को गेय शैली में प्रस्तुत किया गया है। लेखक सोमदत्त शर्मा आसरी ने इसमें संस्कृत के प्रति गहरा प्रेम, भक्ति की भावनाएँ, जीवन-दर्शन, आत्मचिंतन, सामाजिक चेतना और सांस्कृतिक गौरव को गीतों के माध्यम से अभिव्यक्त किया है।

