अब तक ज़िन्दगी आपको चला रही थी, अब समय आ गया है कि हम ज़िन्दगी को अपने हिसाब से चलाएं।
पिछले तीस वर्षों में दो हज़ार से अधिक लोगों से बातचीत करने के अनुभव से राजेश श्रीवास्तव ने एक बात बार-बार महसूस की ज़्यादातर लोगों के पास योजना तो होती है, पर यह साफ नहीं होता कि उस योजना के पीछे लक्ष्य क्या है। हैप्पीनेस, हेल्थ एंड वेल्थ करोड़पति बनें इसी उलझन को सुलझाने की कोशिश है, यह समझाते हुए कि खुशी, स्वास्थ्य और धन को किस क्रम में और कैसे साधा जाए।
यह किताब सरल कहानियों और रोज़मर्रा के उदाहरणों से गहरी बातें समझाती है चाय की पत्तियों से लेकर तनाव के गिलास तक, हर उदाहरण यह सिखाता है कि खुशी खोजने और छोटी-छोटी शिकायतों से बचने की आदत कैसे बनाई जाए। लेखक बताते हैं कि दिन में गतिविधियों की संख्या बढ़ाकर तनाव को हल्का कैसे रखा जाए, और अपनी खुशी की ज़िम्मेदारी खुद कैसे उठाई जाए।
इस पुस्तक में आपको मिलेगा:
- खुशी, स्वास्थ्य और धन के बीच सही क्रम और संबंध की सरल समझ
- शिकायत और नकारात्मक सोच की आदत से बाहर निकलने के व्यावहारिक तरीके
- तनाव कम करने और रोज़ाना की गतिविधियों से जीवन को अधिक जीवंत बनाने के उपाय
- वित्तीय लक्ष्य तय करने और मौजूदा आय के भीतर भविष्य सुरक्षित करने की योजना
- करोड़पति बनने की दिशा में एक स्पष्ट, चरणबद्ध रणनीति (अध्याय 7 से 11 तक विशेष रूप से)
चाहे आप वित्तीय चिंता से जूझ रहे हों या सिर्फ अपने जीवन को अधिक स्पष्टता और शांति के साथ जीना चाहते हों, यह किताब आपको यह याद दिलाती है कि अब तक आप जो कर रहे थे, वह पसंद कर रहे थे अब समय है वह करने का जो आपको सच में पसंद है।

